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  BREAKING NEWS मैगी खाने वालो के लिए एक आवस्यक सुचना एक शोध से पता चला है की मैगी में बहुत ज्यादा मात्र में लेड मिला होता है जो सरीर के लिए हानिकारक होता है NR=02 |  संभल : आज 9 AM पर संभल जिले के थाना गाढ़ी के टांडा चौकी के पास ट्रक और दुग्ध वाहन में जबरदस्त टक्कर से मौके पर 4 की मौत . NR=21838 |  कानपूर नगर निगम की लापरवाही से युवक की मौत,क्रिकेट खेलते वक्त कानपूर नगर के बर्रा थाना के रामगोपाल चौराहे के पास खुले मेन होल में गिरने से बाबू 14 वर्ष की हुई मौत परिजनों में आक्रोश.NR=24474 |  एसडीएम की अनदेखी पत्रकार परेसान,वाराणसी रोहनिया करसड़ा स्थित बिबादित जमीन को लेकर कई बार पीड़ित राजेश राय ने एसडीएम राजातालाब अपूर्वा दुबे को प्रार्थना पत्र दिए पर कोई कार्यवाही नहीं हुई,एसडीएम ने कहा जाँच चल रही है.NR=02 |  मंत्री का ऐसी बंद गई 2 इंजीनियरों की गई नौकरी,मध्य प्रदेश के भोपाल के शिवपुरी सर्किट हाउस में दौरे पर पहुंची पशुपालन मंत्री कुसुम मेहदेले की जब रात्रि में नीद टूटी तो लाइट कटी देख आगबबूला हो 2 अधिकारियो को सस्पेंड कर दिया .NR=02 | 
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सीपाही के टूव्हीलर से बकरी की मृत्यु

गजीपुर । गाजीपुर जिले के थाना करीमुद्ीनपुर थाने में तैनात सिपाही हरिनाथ सिंह यादव बहराचपुर गाॅव के एक व्यक्ति के बकरी के ऊपर अपने टूव्हीलर गाड.ी जिसकी गाड़ी संख्या (यू0पी063 ए 1935) है चढा दिये जिससे बकरी की मौके पर ही मौत हो गई जब बकरी के मालीक ने सिपाही से इसका हरजाॅना मांगा तो सिपाही ने व्यक्ति को बुरा भला कहते हुए कहा कि जो करना है वो करलो कुछ होने वाला नहीं है। संवाद सूत्र 23480

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सम्भल में मौत का मंजर

सम्भल (गढी)। आज सुबह सम्भल जिले के थाना गढी के अन्तर्गत एक दूग्ध वाहन जो प्रतिदिन कि तरह लोगों के घर दूध पहुंचाने के लिए जा रहा था कि अचानक थाना गढी के अन्तर्गत आने वाली चैकी टाॅडा के पास एक दस टायरा ट्रक के दूध वाहन की जबरदस्त भिड़न्त हो गई जिसके कारण दूग्ध वाहन मे सवार लोगों मे से चार लोगो की मौके पर ही मौत हो गई। इस बात की जानकारी जब थाना गढी के आला अफसर को हुई तो वह आनन फानन मे मौकें पर पहुचे और मृत लोगों का पोस्टमार्टम और घायलो को पास के चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।

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उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून लाने की तैयारी

उपभोक्ताओं के हित की रक्षा के लिए भारत सरकार कड़ा उपभोक्ता सुरक्षा कानून लाने की तैयारी में है जिसमें क्लास ऐक्शन सूट का अपना वर्जन होगा। क्लास ऐक्शन सूट का मतलब है कि लोगों के एक बड़े समूह क्लास की ओर से एक या कई व्यक्तियों पर मुकदमा किया जा सकता है। लेकिन, इस कानून के भारतीय वर्जन में क्लास ऐक्शन सूट का मामला थोड़ा अलग होगा। इसमें किसी व्यक्ति को एक बड़े समूह की ओर से मुकदमा करने की इजाजत नहीं होगी बल्कि यह कानून अथॉरिटी को अधिकार देगा कि बड़े समूहों को लागू होने वाले नियम बनाये। नए नियमों में प्रॉडक्ट लायबिलिटी क्लॉज शामिल किया जायेगा जिसके प्रावधान के अनुसार, अथॉरिटी को अधिकार होगा कि वह दोषी प्रड्यूसर/मैन्युफैक्चर्रस को असुरक्षित और खतरनाक चीजों को वापस लेने का आदेश दे। मंत्रियों के एक इंफॉर्मल ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने एक उपभोक्ता सुरक्षा प्राधिकरण स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है जिसके पास इस प्रकार की सामग्रियों को वापस लेने का आदेश देने का अधिकार होगा या उन रेग्युलेटरों को कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश करने का अधिकार होगा जो विभिन्न सेक्टरों से जुड़े हैं। इसके अलावा इस अथॉरिटी को शिकायत निपटारा व्यवस्था को अधिक उपभोक्ता मैत्री बनाने के लिए नए प्रावधान शामिल करने का अधिकार होगा। इस प्रस्ताव के अनुसार, कंपनियों/प्रड्यूसरों को कन्जयूमर्स को हुए नुकसान की भरपाई भी करनी होगी। इस बारे में पहली बार टीओआई में पिछले साल नवंबर में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी कि एक उपभोक्ता सुरक्षा प्राधिकरण स्थापित करने पर सरकार गौर कर रही है। इसमें उल्लेख किया गया था कि अथॉरिटी को भेजे गये मामलों के अलावा स्वतः संज्ञान का अधिकार होगा। इसके अलावा यह एजेंसी मामलों की जांच कर सकती है और आदेश दे सकती है। सूत्रों के मुताबिक इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप की अध्यक्षता कर रहे फाइनैंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को सुझाव दिया है कि उसे स्वतंत्र नियामकों को आपसी टकराव से बचना चाहिए। नए प्रस्तावित कन्जयूमर सुरक्षा अथॉरिटी को उसकी जांच रिपोर्ट सेक्टर विशेष की संबंधित अथॉरिटी को देनी चाहिए, जैसे पैकेज्ड फूड आइटम्स की रिपोर्ट फूड सेफ्टी ऐंड स्टैंड्डर्स अथॉरिटी, कॉम्पटिशन कमिशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) को, प्रस्तावित वीइकल रेग्युलेशन और रोड सेफ्टी अथॉरिटी ऑफ इंडिया को ऑटोमोबाइल सेक्टर से संबिधित रिपोर्ट दी जानी चाहिए। उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने कहा कि कानून को कन्जयूमर के लिए और बेहतर बनाने के लिए कई नए सुझाव दिए गए हैं। जेटली ने सलाह दी है कि कन्जयूमर को राशि पर ध्यान दिए बिना हर स्तर पर बहस की इजाजत दी जानी चाहिए। उन्होंने (जेटली) सलाह दी है कि यह सिविल प्रोसिजर कोड (सीपीसी) में शामिल होना चाहिए, जहां कोई कन्जयूमर अपना केस सुप्रीम कोर्ट तक लड़ सके। एक सूत्र के मुताबिक उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के प्रस्ताव के मुताबाकि 20 लाख रुपये से कम के केस में वकील को शामिल करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक फाइनैंस मिनिस्टर ने साथ ही उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय से इसमें वह प्रोविजन भी शामिल करने को कहा है जिसके तहत किसी गवाह के एफीडेविट को इतने पक्के सबूत के तौर पर माना जाना चाहिए जोकि कन्जयूमर को किसी भी उत्पीड़न से बचा सके। साथ ही इसमें पूछताछ की प्रक्रिया में कमी लाने का प्रोविजन भी जोड़ा जाएगा। साथ ही अपीलों की संख्या भी दो तक ही सीमित की जाएगी। पासवान ने बताया कि इन्फॉर्मल ग्रूप ऑफ मिनिस्टर्स की अगले सप्ताह बिल को आखिरी रूप देने के लिए मीटिंग होगी। एक सरकारी अधिकारी ने बताया, उपभोक्ता सुरक्षा अथॉरिटी अनुचित व्यापारिक व्यवहारों से निपटने की जो कमी रह गई थी उसको पूरा करेगी। अथॉरिटी तलाशी ले सकती है, सामान, दस्तावेज और रेकॉर्ड्स जब्त कर सकती है। यह कसूरवार मैन्युफैक्चर्रस और ऐडवर्टाइजर्स को समन भी जारी कर सकती है और झूठे एवं भ्रामक विज्ञापनों को वापस लेने का आदेश दे सकती है। यह नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगा सकती है।

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मैगी खाने से हो सकती है किडनी फेल, बाजार से वापस लिए गए कई पैकेट

मैगी बनाने में दो मिनट का वक्त लगता है लेकिन इसका सेवन जिंदगी भर की सजा बन सकता है. मैगी में लेड और एमएसजी जैसे खतरनाक तत्व मिले हैं जो सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं. नेस्ले इंडिया कंपनी की ओर से बनाए जाने वाली मैगी के कई पैकेट बाजार से वापस ले लिए गए हैं. इंडियन फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) के फूड इंस्पेक्टरों ने लखनऊ से मैगी के जो पैकेट जब्त किए उनमें मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) और लेड जैसे घातक तत्व पाए गए हैं. दो दर्जन पैकेट पर यह जांच की गई थी. हालांकि मैगी को बैन किए जाने पर कोई फैसला लिए जाने की पुष्टि नहीं हो सकी है. मैगी में लेड की मात्रा 17.2 पीपीएम पाई गई जबकि यह 0.01 से 2.5 पीपीएम तक ही होनी चाहिए. उत्तर प्रदेश के फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के एडिशनल कमिश्नर राम अरज मौर्या ने बताया, हमने कई जगहों से मैगी के सैंपल लिए और इसकी जांच में हमें काफी लेड मिला. इसे दोबारा लैब में जांच के लिए भेजा गया और फिर वही नतीजा सामने आया. किडनी भी हो सकती है डैमेज!- डॉक्टरों के मुताबिक, बहुत ज्यादा मात्रा में लेड का सेवन गंभीर स्वास्थ्य दिक्कतें पैदा कर सकता है. इससे न्यूरोलॉजिकल दिक्कतें, खून के प्रवाह में समस्या और किडनी फेल होने तक की नौबत आ सकती है. फोर्टिस के डॉ. अनूप मिश्रा बताते हैं कि लेड का ज्यादा सेवन बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक है. इससे उनके विकास में रुकावट आ सकती है, पेट दर्द, नर्व डैमेज और दूसरे अंगों को भी नुकसान पहुंच सकता है. इसी तरह एमएसजी के नुकसानों को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता. इसका इस्तेमाल चाइनीज फूड में फ्लेवर का असर बढ़ाने के लिए किया जाता है. फूड सेफ्टी के नियमों के मुताबिक, अगर प्रोडक्ट में एमएसजी का इस्तेमाल किया गया है तो पैकेट पर इसका जिक्र करना अनिवार्य है. एमएसजी से मुंह, सिर या गर्दन में जलन, स्किन एलर्जी, हाथ-पैर में कमजोरी, सिरदर्द और पेट की तकलीफें हो सकती हैं. मैगी ने दी सफाई, हम भी करवा रहे जांच- मैगी बनाने वाली कंपनी नेस्ले इंडिया ने मामले पर सफाई भी दी है. मैगी ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है, मैगी नूडल्स बनाने के लिए हमारे फूड सेफ्टी और क्वॉलिटी कंट्रोल के सख्त नियम हैं. इसके लिए फूड सेफ्टी कानूनों के मुताबिक सारे जरूरी टेस्ट किए जाते हैं. नेस्ले ने लिखा है कि हम मैगी में एमएसजी का इस्तेमाल नहीं करते और हमने एक और स्वतंत्र प्रमाणित लैब में भी अपने सैंपल भेजे हैं और इसके नतीजे स्थानीय प्रशासन से साझा किए जाएंगे. केंद्रीय मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, यह एक प्रदेश का मामला है और हमें अभी तक इस बारे में आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. प्रदेश के फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट से सूचना मिलने पर उचित एक्शन लिया जाएगा.

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मोदी के गुजरात से काशी पहुंचे हवाला कारोबारी, 39 लाख रुपए के साथ अरेस्ट

वाराणसी. पीएम नरेंद्र मोदी के काशी से सांसद चुने जाने के बाद से वहां गुजरात मॉडल के आधार पर विकास का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही गुजरात और काशी के व्यापारियों के बीच हवाला का कारोबार भी तेजी से फलने-फुलने लगा है। बुधवार को कैंट पुलिस ने इस हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी से गिरफ्तार किया है। उनके पास से 39 लाख रुपए भी बरामद हुए हैं। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी गुजरात के रहने वाले हैं। वे पिछले पांच महीने से विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहे थे। कैंट थाना प्रभारी अजीत मिश्रा के मुताबिक, वे प्राइवेट नौकरी करने की आड़ में मकान में रह रहे थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी करके तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। वहां से 39000 रुपए बरामद हुए हैं, जिसमें 100 और 500 के नोट हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि ये यहां के व्यापारियों से पैसा लेकर गुजरात जाया करते थे। अभी तक की पूछताछ में तीनों आरोपियों ने कबूल किया है कि वे 50 करोड़ से ज्यादा का देशी हवाला कारोबार कर चुके हैं। तीनों आरोपियों में सरगना लुकमबी हॉजी (40) है, जो गुजरात के मंडाला गांधीनगर का रहने वाला है। दूसरा मोहम्मद वेग (50) मेहसाना गुजरात का रहने वाला है और नरेश कुमार (40) ओखल गुजरात का रहने वाला है। इनका मुख्य सरगना दिलीप भाई अहमदाबाद का रहने वाला है। इस खुलासे से एक बात तो स्पष्ट हो गई कि मोदी के गृह क्षेत्र और संसदीय क्षेत्र के व्यापारी हवाला बड़ा नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। मोदी एक तरफ विकास की बात कर रहे हैं और दूसरी उनके गृह क्षेत्र के व्यापारी और उनके संसदीय क्षेत्र के व्यापारी हवाला के माध्यम से पैसा कमाने में लगे हुए हैं। पकड़े गए आरोपी खासतौर पर प्लाईवुड के व्यापारियों का पैसा हवाला के माध्यम से गुजरात और अन्य राज्यों में भेजते थे। वे अब तक करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी का व्यापारी कर चुके हैं। इनकम टैक्स और इन्फोर्समेंट के अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं। संवाद सूत्र 9219

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